Posts

Showing posts with the label laughing poem

हास्य कविता- Laughing Poem

*हास्य कविता* 😀😀😀😀😀😀😀 अक्ल बाटने लगे विधाता,              लंबी लगी कतारें । सभी आदमी खड़े हुए थे,             कहीं नहीं थी नारी । सभी नारियाँ कहाँ रह गई,           था ये अचरज भा...