कविता: क्योंकि मैं एक प्राइवेट नौकरी वाला हूँ- Poem, For Private Employees
🚇 बड़ी मेहनत के बाद मैंने *प्राईवेट* नौकरी पायी है, नौकरी में आया तो जाना, यहाँ एक तरफ कुआँ तो दूसरी तरफ खाई है। 🚇*जहाँ कदम कदम पर ज़िल्लत, और घड़ी घड़ी पर ताने हैं* यहाँ मुझे अपन...