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कविता: क्योंकि मैं एक प्राइवेट नौकरी वाला हूँ- Poem, For Private Employees

🚇 बड़ी मेहनत के बाद मैंने *प्राईवेट* नौकरी पायी है, नौकरी में आया तो जाना, यहाँ एक तरफ कुआँ तो दूसरी तरफ खाई है। 🚇*जहाँ कदम कदम पर ज़िल्लत, और घड़ी घड़ी पर ताने हैं* यहाँ मुझे अपन...

संता और बॉस- Santa vs Boss

बॉस : - मेरे लिए एक शीशा लेकर आओ जिसमे में अपना मुह देख सकु. . . . . . . . . संता : - नहीं मिला सर ! सब में मेरा ही मुह दिख रहा है. 😜😜😀😉😜